BIRSINGHPUR PALI BIRASINI TEMPLE HINDI

birasini mata mandir located in birsinghpur pali distt umariya in india

बिरसिनी माता का मंदिर बीरसिंह पुर | BIRSINGHPUR PALI BIRASINI TEMPLE HINDI

बिरसिनी माता का मंदिर उमरिया जिले के बीरसिंह पुर पाली में स्थित है | मंदिर में बिरसिनी माता की 10 वीं सदी की कल्चुरी कालीन काले पत्थर से निर्मित भव्य मूर्ति विराजमान है | यह पूरे भारत में माता काली की उन गिनी चुनी प्रतिमाओं में से एक है जिसमें माता की जिव्हा ( जीभ) बाहर नहीं है | मंदिर के गर्भ गृह में माता के पास ही भगवान् हरिहर बिराजमान हैं जो आधे भगवान् शिव और आधे भगवान् विष्णु के रूप हैं | मंदिर के गर्भ गृह के चारो तरफ अन्य देवी देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं | मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण , मरही माता, भगवान् जगन्नाथ और शनिदेव के छोटे-छोटे मंदिर भी स्थित हैं | मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित है |माता की अलौकिक शक्तियों के कारण लोगों की मनोकामनाएं हमेशा पूरी होती हैं और यहां साल भर लोगों की भीड़ रहती है | बिरसिनी माता के मंदिर में वर्ष में दो बार शारदेय और चैत्र में नवरात्र पूजा बड़े ही धूम-धाम से मनाई जाती है | | नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है | यहां हजारों कि संख्या में घी,तेल और जवारे के कलश स्थापित किये जाते हैं | ज्योति कलश हेतु एक विशाल हाल की व्यवस्था है | जवारे हेतु दो मंजिला व्यवस्था की जाती है | श्रध्दालुओं द्वारा मनोकामना कलश स्थापित करने हेतु मंदिर प्रबंध संचालन समिति द्वारा बहुत अच्छी व्यवस्था की जाती है | पूरे नवरात्र में मंदिर परिसर में बच्चो के मुंडन , कर्ण छेदन की व्यवस्था की जाती है | सांथ ही मंदिर समिति और अन्य लोगों द्वारा भण्डारे भी करवाये जाते हैं और पुरे नौ दिन माता का श्रृंगार , भोग ,पूजा अर्चना बड़े ही श्रध्दा भक्ति से की जाती है | बिरसिनी माता के प्राचीन मंदिर का पुनर्निर्माण का प्रारंभ जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द जी के पावन करकमलों द्वारा दिनांक 23 नवम्बर 1989 को किया गया और मंदिर का जीर्णोद्धार का समापन कार्यक्रम , पुनः प्राण प्रतिष्ठा 22 अप्रेल 1999 जगतगुरु शंकराचार्य पुरी स्वामी निश्चलानंद जी के शुभाशीष से संपन्न हुआ |